उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में समाजवादी पार्टी (सपा) ने ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ अभियान के तहत एक पैदल मार्च निकाला और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग उठाई। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर आयोजित इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में नेताओं और कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया।
सपा नेता राकेश कुमार वर्मा ने बताया कि पार्टी की ओर से ‘लोकतंत्र बचाओ सप्ताह’ के तहत यह पैदल मार्च निकाला गया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर उतरकर लोकतांत्रिक संस्थाओं की निष्पक्षता और नागरिकों के मतदान अधिकारों की रक्षा का मुद्दा उठाया तथा मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग की। मार्च के दौरान पार्टी पदाधिकारियों की एक बैठक भी आयोजित की गई, जिसमें स्थानीय नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
चुनाव आयोग और चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर विपक्ष का विरोध लगातार तेज हो रहा है। सपा और कांग्रेस सहित कई विपक्षी दल मतदाता सूचियों और चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठा रहे हैं। समाजवादी पार्टी ने 2 से 8 अक्टूबर तक विभिन्न जिलों में ‘लोकतंत्र बचाओ सप्ताह’ के तहत कार्यक्रम आयोजित करने की योजना बनाई थी, जिसके तहत मतदाताओं के अधिकारों की सुरक्षा और चुनावी प्रक्रिया में जवाबदेही की मांग उठाई गई।
यह प्रदेशव्यापी अभियान केवल बाराबंकी तक सीमित नहीं है, बल्कि उत्तर प्रदेश के अन्य जिलों में भी पार्टी ने मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ इस तरह के विरोध कार्यक्रम आयोजित किए हैं। पार्टी का कहना है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में नागरिकों के मतदान अधिकारों की सुरक्षा और चुनावी संस्थाओं की निष्पक्षता आवश्यक है। आगामी चुनावों से पहले चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली से जुड़े ये मुद्दे राज्य की राजनीति में अहम बनते जा रहे हैं। हालांकि, विपक्ष द्वारा उठाए जा रहे इन सवालों और आरोपों को स्वतंत्र रूप से प्रमाणित तथ्य नहीं माना गया है।

