लखनऊ — उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने दिवाली से पहले राज्य के परिषदीय प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत मध्याह्न भोजन (मिड-डे मील) रसोइयों को बड़ा तोहफा दिया है। सरकार ने रसोइयों के मानदेय में एक हजार रुपये की बढ़ोतरी की है, जिससे अब उन्हें प्रति माह तीन हजार रुपये मानदेय मिलेगा। पहले यह राशि दो हजार रुपये प्रतिमाह थी।
मिड-डे मील प्राधिकरण के निदेशक प्रेम रंजन सिंह ने शनिवार को सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों और वित्त एवं लेखा अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए हैं कि बढ़ी हुई राशि दिवाली से पहले रसोइयों के बैंक खातों में हस्तांतरित कर दी जाए। 22 अगस्त 2026 को कैबिनेट ने सर्कुलेशन के जरिए इस मानदेय वृद्धि को मंजूरी दी थी। इस निर्णय से राज्य के करीब 3.50 लाख रसोइयों को सीधा लाभ मिलेगा। सरकार के इस कदम से राजकोष पर प्रतिमाह लगभग 35.35 करोड़ रुपये और सालाना 424 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय भार आएगा।
इस बीच, मानदेय और न्यूनतम मजदूरी के मुद्दे पर अदालती कार्यवाहियों का पुराना संदर्भ भी रहा है। अदालत के रिकॉर्ड के अनुसार, 15 दिसंबर 2020 को चंद्रावती देवी बनाम उत्तर प्रदेश राज्य एवं अन्य मामले में न्यायमूर्ति पंकज भाटिया ने फैसला देते हुए कहा था कि राज्य के सभी रसोइयों को न्यूनतम मजदूरी दी जानी चाहिए। हालांकि, बाद में विशेष अपील संख्या 123/2021 में वह आदेश खारिज कर दिया गया था। इसके बाद 8 फरवरी 2023 को उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने न्यूनतम मजदूरी और एरियर भुगतान का निर्देश दिया था। इससे पहले रसोइयों का मानदेय 1,000 रुपये से बढ़ाकर 2019 में 1,500 रुपये और 2022 में 2,000 रुपये किया गया था।

