पीलीभीत —
निर्वाचन आयोग ने सदर विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में भारी अनियमितता पाए जाने के बाद सख्त कदम उठाते हुए दो उपजिलाधिकारियों (एसडीएम) और एक कंप्यूटर ऑपरेटर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है। यह कार्रवाई बुधवार रात को जिला मजिस्ट्रेट द्वारा दोनों अधिकारियों को उनके पदों से हटाकर जिला मुख्यालय से संबद्ध करने के बाद की गई।
मामले के आरोपी अधिकारियों में पूरनपुर के एसडीएम मयंक गोस्वामी, अमरिया के एसडीएम हेमंत चौधरी और वीआरसी के कंप्यूटर ऑपरेटर अनिल कुमार शामिल हैं। विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के दौरान दोनों एसडीएम निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ईआरओ) के रूप में तैनात थे। प्रशासनिक कार्रवाई के तहत तीनों के खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है, जबकि कंप्यूटर ऑपरेटर अनिल कुमार की सेवाएं समाप्त कर दी गईं हैं।
यह प्रशासनिक कार्रवाई कांग्रेस की ओर से निर्वाचन आयोग में दर्ज कराई गई शिकायत के बाद अमल में लाई गई। कांग्रेस ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया था कि सदर विधानसभा क्षेत्र में जुलाई से सितंबर के बीच कुल 16,554 रिकॉर्ड्स को प्रभावित किया गया। पार्टी के अनुसार, इस दौरान 13,150 मतदाताओं के नाम में बदलाव किया गया जबकि उनके ईपीआईसी और क्रम संख्या वही रहे। इसके अलावा 884 स्थानीय मतदाताओं के नाम हटाए जाने और 2,600 गैर-निवासी लोगों के नाम सूची में जोड़े जाने का भी आरोप लगाया गया था।
जिला निर्वाचन अधिकारी आलोक कुमार ने गुरुवार को एक प्रेसवार्ता में स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि 31 मई से 29 अगस्त के बीच सदर निर्वाचन क्षेत्र में संशोधन के लिए कुल 13,779 ऑफलाइन फॉर्म-8 आवेदन प्राप्त हुए थे। इनमें से 10,470 आवेदन स्वीकार किए गए थे जबकि 3,309 आवेदन अस्वीकार कर दिए गए थे। कोतवाली थाने में यह मामला सहायक निर्वाचन अधिकारी केके कश्यप की शिकायत पर दर्ज किया गया।
प्रशासन ने इस प्रकरण के बाद व्यापक स्तर पर जांच के आदेश दिए हैं। इसके तहत स्वीकार किए गए सभी 10,470 फॉर्म-8 आवेदनों की नए सिरे से जांच कराई जाएगी। साथ ही, जिले की पूरनपुर, बीसलपुर और बरखेड़ा विधानसभा क्षेत्रों की मतदाता सूचियों की भी जांच के निर्देश दिए गए हैं।

