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इंडिया गठबंधन ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर निकाला मार्च, विपक्षी नेता हिरासत में लिए गए

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मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश्व कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली में मंगलवार को राजनीतिक घमासान मच गया। इंडिया गठबंधन के सांसदों ने संसद भवन से निर्वाचन आयोग (ईसीआई) कार्यालय तक मार्च निकाला, जिसके बाद आकाशवाणी भवन और नीति आयोग के पास सुरक्षा बलों ने उन्हें रोक दिया। इस दौरान समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव और तृणमूल कांग्रेस के सांसद अभिषेक बनर्जी व डेरेक ओब्रायन समेत कई विपक्षी नेताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया।

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इस दौरान तीखा हमला बोलते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और आरएसएस प्रमुख मोहन भगवाल पर देश को ‘वोट चोरी’ के जरिए अपहृत करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सीईसी ज्ञानेश्व कुमार ने इस प्रक्रिया में उनकी मदद की है। राहुल गांधी ने दावा किया कि संसद के दोनों सदनों के 300 से अधिक सांसद निर्वाचन आयोग के अधिकारियों से मिलने जा रहे थे, लेकिन महज़ 50 गज की दूरी पर पुलिस ने उन्हें रोक दिया।

विपक्ष का मुख्य आरोप एसआईआर प्रक्रिया के दौरान 13 करोड़ से अधिक मतदाताओं के नाम हटाए जाने से जुड़ा है। विवाद की शुरुआत पिछले महीने तब हुई थी, जब मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया कि चुनाव आयुक्तों विवेक जोशी और सुखबीर सिंह संधू ने पिछले 10 महीनों में चुनाव आयोग के फैसलों पर कम से कम 14 बार लिखित आपत्ति जताई थी। इस विरोध प्रदर्शन में अब बीजू जनता दल (बीजद) भी शामिल हो रहा है। बीजद के राज्यसभा में संसदीय दल के नेता मानस मंगा राज ने स्पष्ट किया कि पार्टी अध्यक्ष नवीन पटनायक के निर्देश पर उनके सांसद भी इस विरोध मार्च में हिस्सा लेंगे।

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दूसरी ओर, भारतीय जनता पार्टी ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए विपक्षी दलों पर सड़कों पर नौटंकी करने और अराजकता फैलाने का आरोप लगाया। भाजपा राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि कांग्रेस कई राज्यों में अपनी हार से बौखला गई है। उन्होंने कांग्रेस पर तीखा सवाल उठाते हुए कहा कि पार्टी बिना किसी सत्यापन के अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत और फर्जी मतदाताओं को मताधिकार देने के पक्ष में क्यों है और वह इससे किसे फायदा पहुंचाना चाहती है। भाजपा ने इसे राहुल गांधी को फिर से स्थापित करने का असफल प्रयास करार दिया। सीईसी ज्ञानेश्व कुमार के खिलाफ विपक्ष का यह विरोध प्रदर्शन अब पांचवें दिन में प्रवेश कर चुका है।

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