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भारत

दिल्ली अदालत ने कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके को दी जमानत

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नई दिल्ली — दिल्ली की एक अदालत ने कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके को शनिवार को जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया। लाइव लॉ की रिपोर्ट के अनुसार, केंद्रीय दिल्ली में एक विरोध प्रदर्शन अभियान के सिलसिले में निवारक हिरासत में लिए जाने के एक दिन बाद उन्हें यह राहत मिली। एएनआई के मुताबिक, मंदिर मार्ग पुलिस स्टेशन से जमानत मिलने के बाद उन्हें रिहा किया गया।

उनकी जमानत की शर्तों के तहत उन्हें एक साल तक शांति बनाए रखनी होगी। इससे पहले शुक्रवार को कनाट प्लेस में ‘लहरा दो तिरंगा’ प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने दिपके को हिरासत में लिया था। पुलिस ने हिरासत में लेने से पहले उन्हें एक नोटिस जारी कर कनाट प्लेस में विरोध प्रदर्शन करने से मना किया था। पुलिस के अनुसार, यह कदम भारी पैदल और वाहन यातायात तथा आपातकालीन सेवाओं पर संभावित प्रभाव को ध्यान में रखते हुए उठाया गया था। पुलिस का यह भी दावा था कि इस राजनीतिक अभियान ने पहले भी अनुमति प्राप्त प्रदर्शनों की शर्तों का उल्लंघन किया था, जिससे शांति भंग हुई और सार्वजनिक व्यवस्था प्रभावित हुई।

राष्ट्रीय राजधानी और देश के अन्य हिस्सों में 2 अक्टूबर से चुनाव आयोग और कुमार के खिलाफ इस्तीफे की मांग को लेकर राजनीतिक अभियानों, विपक्षी दलों और छात्र समूहों द्वारा लगातार प्रदर्शन किए जा रहे हैं। द इंडियन एक्सप्रेस की 23 सितंबर की एक जांच रिपोर्ट के अनुसार, चुनाव आयुक्तों सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने विशेष गहन पुनरीक्षण से जुड़े पैनल के फैसलों पर 10 महीनों में 14 बार औपचारिक रूप से आपत्ति जताई थी।

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रिहाई से पहले, कॉकरोच जनता पार्टी ने दावा किया था कि दिपके का अता-पता नहीं है और उनके वकीलों की उनसे मुलाकात नहीं हो पाई है। केंद्रीय दिल्ली में चार या अधिक लोगों के एकत्र होने पर प्रतिबंध संबंधी आदेश लागू हैं। इस बीच, जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थल के रूप में सूची से हटाने के फैसले के खिलाफ प्रदर्शन करने पहुंचे अभियान के नेताओं आशुतोष रांका, सौरभ दास और अजिंक्य शिंदे को बुधवार को गिरफ्तार किया गया था। विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट अदालत ने रांका और दास को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया, जबकि शिंदे को व्यक्तिगत मुचलके पर रिहा कर दिया गया। इसी क्रम में, एक अन्य प्रदर्शन के दौरान हिरासत में ली गई छात्र नेता नेहा बोरा को शनिवार सुबह पांच बजे रिहा कर दिया गया।

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