नई दिल्ली —
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने बुधवार शाम इंडिया Gate पहुंचकर अंकिता भंडारी के माता-पिता द्वारा दिए जा रहे धरने में हिस्सा लिया। उत्तराखंड की 19 वर्षीय रिसेप्शनिस्ट अंकिता भंडारी की सितंबर 2022 में हत्या कर दी गई थी। कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक, सोमवार को दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किए जाने के बाद मृतका के परिवार ने राहुल गांधी के कार्यालय से संपर्क किया था।
कांग्रेस पार्टी के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर जारी एक वीडियो में अंकिता भंडारी के पिता ने राष्ट्रपति से अपील की है कि जब तक सीबीआई जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक दुष्यंत गौतम की राज्यपाल के रूप में नियुक्ति रद्द की जाए। उन्होंने सवाल उठाया कि सीबीआई भाजपा नेता दुष्यंत गौतम को बचाने की कोशिश क्यों कर रही है।
कांग्रेस महासचिव एवं सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी इंडिया Gate पर अंकिता भंडारी के परिवार से मुलाकात की। कांग्रेस पार्टी ने आरोप लगाया है कि इस मामले में भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव और उत्तराखंड प्रभारी रहे दुष्यंत गौतम पर अंकिता को ‘विशेष सेवा’ देने का दबाव बनाने के आरोप थे और विरोध करने पर उसकी हत्या कर दी गई थी। पार्टी ने यह भी आरोप लगाया कि नरेंद्र मोदी सरकार ने दुष्यंत गौतम को राज्यपाल पद का इनाम देकर बचाया है और पूरी भाजपा सरकार पीड़ित परिवार की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है।
उत्तराखंड के ऋषिकेश स्थित वंतरा रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के रूप में काम करने वाली अंकिता भंडारी की 18 सितंबर 2022 को हत्या कर दी गई थी, जो रिजॉर्ट ज्वाइन करने के बमुश्किल 20 दिन बाद ही थी। लापता होने के छह दिन बाद उसका शव मिला था। इस मामले की जांच करने वाली राज्य पुलिस की विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने पाया था कि उसे अनुचित सेवाएं देने के लिए मजबूर किया जा रहा था, जिसका उसने विरोध किया जिसके बाद उसकी हत्या कर दी गई। मुख्य आरोपी पुलकित आर्य — जो पूर्व भाजपा नेता विनोद आर्य का बेटा है — को अदालत द्वारा हत्या, यौन उत्पीड़न, साक्ष्य मिटाने और अनैतिक व्यापार रोकथाम अधिनियम के विभिन्न धाराओं के तहत दोषी ठहराया जा चुका है।
हाल के दिनों में राहुल गांधी ने कई मौकों पर पुलिस और प्रशासन को चौंकाते हुए अचानक विरोध प्रदर्शनों में हिस्सा लिया है। पिछले कुछ दिनों के दौरान उन्हें एसआईआर के विरोध और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर किए जा रहे प्रदर्शनों के दौरान पुलिस द्वारा बलपूर्वक हिरासत में भी लिया गया है।

