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भारत

प्रदर्शनकारी छात्रों के रास्ते में न आएं प्रधानमंत्री, राहुल गांधी का आग्रह

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नई दिल्ली —

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से आग्रह किया है कि वे प्रदर्शनकारी छात्रों के रास्ते में न आएं, क्योंकि वे देश की आवाज हैं। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने यह बयान बुधवार को 10, जनपथ पर कुछ घायल छात्रों से मुलाकात के बाद दिया। इन छात्रों में कांग्रेस के छात्र संगठन एनएसयूआई से जुड़े वे युवा भी शामिल थे, जिन्हें मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ एसआईआर (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर हुए हालिया प्रदर्शनों के दौरान चोटें आई थीं।

यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब छात्र संगठनों और विपक्षी दलों द्वारा मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ देश भर में व्यापक विरोध प्रदर्शन चल रहे हैं। इस दौरान बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया और उन्हें शहर से दूर नजरबंदी केंद्रों में ले जाया गया। मुलाकात के दौरान छात्रों ने पुलिस हिरासत में कथित तौर पर किए गए अमानवीय बर्ताव और मारपीट की अपनी आपबीती साझा की।

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छात्रों ने आरोप लगाया कि विरोध प्रदर्शनों में भाग लेने के लिए उन्हें ‘सबक सिखाने’ के मकसद से पुलिसकर्मियों ने उनके निजी अंगों पर भी वार किए, गालियां दीं और उन्हें गंभीर चोटें पहुंचाईं। एक छात्रा ने बताया कि उसके कान में गंभीर चोट आई है और उसने अपनी सुनने की क्षमता खो दी है।

छात्रों का ढांढस बंधाते हुए राहुल गांधी ने आश्वासन दिया कि हालिया प्रदर्शनों के दौरान छात्रों पर कार्रवाई करने वाले प्रधानमंत्री से लेकर सिपाही तक, हर व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने छात्रों को कांग्रेस पार्टी का पूरा समर्थन देने का भरोसा दिया और उन्हें पार्टी के ‘शेर’ और ‘शेरनी’ बताया। एक छात्रा का परिचय देते हुए उन्होंने कहा कि तमाम हमलों के बावजूद उसके मन में कोई नफरत नहीं है।

राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि वे देश की जनता की आवाज के सामने खड़े हैं। उन्होंने कहा, ‘‘यह हिंदुस्तान है, जहां विभिन्न जातियों, धर्मों और पृष्ठभूमियों के लोग एकजुट हैं। यह भारत की एक आवाज है और प्रधानमंत्री तथा गृह मंत्री इसके सामने खड़े हैं। मैं प्रधानमंत्री को सुझाव देता हूं कि उन्हें इस आवाज के सामने नहीं आना चाहिए।’’

कांग्रेस नेता ने पुलिसकर्मियों को भी चेतावनी दी और छात्रों से कहा कि वे पुलिस कार्रवाई के वीडियो और सबूत सुरक्षित रखें। उन्होंने कहा कि स्थिति बदलने पर इस पूरे मामले में न्याय सुनिश्चित किया जाएगा और छात्रों पर हाथ उठाने वाले शीर्ष से लेकर नीचे तक के सभी जिम्मेदारों को सजा दिलाई जाएगी।

बाद में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में राहुल गांधी ने लिखा कि वह दिन दूर नहीं जब लोकतंत्र की आवाज को दबाने की कोशिश करने वाले कानून के दायरे में आएंगे। उन्होंने दोहराया कि शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करना नागरिकों का अधिकार है और इसे छीनने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

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मुलाकात के दौरान एक घायल छात्र ने महात्मा गांधी का प्रिय भजन ‘वैष्णव जन तो’ बांसुरी पर बजाया और कहा कि नफरत का जवाब प्यार से दिया जाएगा।

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