नई दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ हो रहे विरोध प्रदर्शनों पर पाकिस्तान में भी चर्चा शुरू हो गई है। पाकिस्तानी पत्रकार और पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के करीबी माने जाने वाले नजम सेठी ने अपने यूट्यूब पॉडकास्ट में इन प्रदर्शनों को लेकर बयान दिया है।
सेठी ने कहा कि भारत में मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और कांग्रेस समेत तमाम विपक्षी दलों के प्रदर्शनों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है। उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री मोदी के लिए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को बचा पाना बहुत मुश्किल होगा।
पॉडकास्ट में चर्चा के दौरान राहुल गांधी के नेतृत्व में 22 विपक्षी पार्टियों के कॉकरोच पार्टी के साथ खड़े होने का दावा किया गया। सेठी ने कहा कि इन प्रदर्शनों की मांग मुख्य चुनाव आयुक्त से शुरू होकर प्रधानमंत्री के इस्तीफे तक पहुंच गई है। उन्होंने तुलना करते हुए कहा कि जैसे पहले एक केंद्रीय मंत्री को बचाना मुश्किल हुआ था, वैसे ही इस बार चुनाव आयुक्त को बचाना कठिन होगा।
पाकिस्तानी विश्लेषक ने भारतीय मीडिया की भूमिका का भी जिक्र करते हुए कहा कि शुरुआती कुछ दिनों की चुप्पी के बाद अब मीडिया भी इस पर खुलकर बात कर रहा है। उन्होंने आशंका जताई कि यदि चुनाव आयुक्त को पद से नहीं हटाया गया, तो प्रदर्शन बढ़ सकते हैं, हिंसा हो सकती है और लोग हताहत हो सकते हैं। इसके साथ ही उन्होंने भारत की न्याय व्यवस्था पर टिप्पणी करते हुए कहा कि एसआईआर के माध्यम से हटाए गए मतदाताओं के मामले में सुप्रीम कोर्ट से रोक लगाई जा सकती है।
नई दिल्ली में इन व्यापक प्रदर्शनों में ध्रुव राठी और प्रकाश जैसे बड़े चेहरों के शामिल होने की बात भी सामने आई है, जिसने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी ध्यान आकर्षित किया है।

