दिल्ली में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) को लेकर चल रहे विरोध प्रदर्शनों में अब ‘जेन-जी’ (युवाओं) की भागीदारी भी बढ़ने लगी है। हालांकि, यह संख्या हाल ही में शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर हुए प्रदर्शनों जितनी बड़ी नहीं है, लेकिन सोमवार को कांग्रेस और विभिन्न छात्र संगठनों के आह्वान पर आयोजित प्रदर्शन में काफी संख्या में युवा पहुंचे।
पहली बार मतदाता बनने की तैयारी कर रहे युवाओं का कहना है कि एसआईआर की प्रक्रिया काफी लंबी है और इसे बिना आसान बनाए शुरू किया गया है। बाराखंभा रोड पर प्रदर्शन में शामिल 18 वर्षीय विशाल ने बताया कि वह अभी तक वोटर नहीं बने हैं, लेकिन नई वोटर लिस्ट बनने की प्रक्रिया के दौरान उनके परिवार के लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ी, जिसके चलते वह समर्थन देने पहुंचे हैं।
प्रदर्शन में शामिल अन्य युवाओं का कहना है कि वे किसी राजनीतिक दल से जुड़े नहीं हैं, लेकिन इतनी बड़ी प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता के साथ होनी चाहिए। कुछ प्रदर्शनकारियों ने संविधान हाथ में लेकर अपनी मांगें रखीं और निर्वाचन आयोग के अधिकारियों के इस्तीफे की मांग भी उठाई। प्रदर्शन के दौरान व्यवस्था और अनुशासन को लेकर भी चर्चा हुई, जहां कुछ युवाओं ने कहा कि ऐसे आयोजनों में अनुशासन का ध्यान रखा जाना चाहिए ताकि किसी को कोई नुकसान न हो।
एसआईआर प्रक्रिया को लेकर युवाओं की यह सक्रियता यह दर्शाती है कि मतदाता सूची तैयार करने का मुद्दा अब केवल राजनीतिक दलों तक सीमित नहीं रहा है। पहली बार मतदान करने जा रहे युवाओं के लिए यह प्रक्रिया महत्वपूर्ण है क्योंकि इसमें उनका नाम जुड़ने और मताधिकार मिलने से जुड़े कई सवाल शामिल हैं। प्रदर्शन में शामिल युवाओं ने जोर दिया कि इस पूरी प्रक्रिया को सरल बनाया जाए, शिकायतों के समाधान के लिए पर्याप्त अवसर दिए जाएं और लोकतांत्रिक व्यवस्था में आम लोगों का भरोसा बनाए रखने के लिए पूरी पारदर्शिता बरती जाए।

