कौमी गज़ेट
प्रीमियम विज्ञापन स्थान
प्रीमियम · शीर्ष बैनर
विज्ञापन

भारत

राहुल गांधी ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकालने का किया ऐलान

पाठकों की रुचि · 48,754

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और कथित ‘वोट चोरी’ के विरोध में सोमवार को सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकालने का ऐलान किया है। उन्होंने विपक्षी दलों, सिविल सोसाइटी समूहों और नागरिकों से इस प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की है।

सोशल मीडिया मंच एक्स पर की गई घोषणा के अनुसार, इस मार्च में राजनीतिक दलों, लिंग, जाति, समुदाय और राज्यों की सीमाओं से परे लोग शामिल होंगे। प्रतिभागी मुख्य न्यायाधीश को एक ज्ञापन सौंपेंगे, जिसमें कथित ‘वोट चोरी’ पर रोक लगाने, मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को बंद करने और मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे की मांग की जाएगी।

यह घोषणा कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा SIR प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर ज्ञानेश कुमार के खिलाफ बुले गए प्रदर्शनों के बीच आई है। दिल्ली में इन विरोध प्रदर्शनों का सिलसिला रविवार को दूसरे दिन भी जारी रहा, जब पुलिस ने कनॉट प्लेस और अन्य स्थानों से कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया। शनिवार को हजारों लोगों को हिरासत में लिए जाने के बाद रविवार को भी यह कार्रवाई जारी रही। सीपीएम के राज्यसभा सांसद जॉन ब्रिटास और ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन की अध्यक्ष नेहा बोरा को भी रविवार को हिरासत में लिया गया।

कौमी गज़ेट
लेख के बीच विज्ञापन
लेख · मध्य भाग
विज्ञापन

राहुल गांधी ने शनिवार के प्रदर्शनों का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों और भाजपा कार्यकर्ताओं ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने आए लोगों की पिटाई की। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भगवत का नाम लेते हुए कहा कि वे जनता की आवाज को दबा नहीं सकते। उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि वे डरें नहीं और मोहब्बत, भाईचारे तथा देशभक्ति के साथ इस मार्च में जुड़ें।

इस बीच, सुप्रीम कोर्ट ने रविवार को केंद्र सरकार को निर्देश दिया कि सार्वजनिक सभाओं और आवाजाही पर प्रतिबंध संविधान के अनुच्छेद 19(2) के तहत निर्धारित शर्तों के अनुरूप होने चाहिए। अदालत ने सरकार से यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि CJP के इन विरोध प्रदर्शनों के दौरान दिल्ली मेट्रो और रेल सेवाएं सामान्य रूप से चलें तथा इंटरनेट सेवाएं बाधित न हों।

शनिवार को जंतर-मंतर की ओर बढ़ने का प्रयास कर रहे आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन, योगेन्द्र यादव और प्रशांत भूषण सहित हजारों नेताओं और कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया था। दिल्ली पुलिस ने मध्य दिल्ली के कई इलाकों में पाबंदियां और बैरिकेडिंग लगा दी थी। CJP ने कहा है कि उसका आंदोलन जारी रहेगा और उसने प्रशासन पर EC के खिलाफ विरोध प्रदर्शन रोकने के लिए सुरक्षा उपायों का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया है।

शेयर करेंWhatsAppFacebook

संबंधित खबरें