कौमी गज़ेट
प्रीमियम विज्ञापन स्थान
प्रीमियम · शीर्ष बैनर
विज्ञापन

भारत

दिल्ली में विरोध प्रदर्शन से पहले भारी सुरक्षा बल तैनात, कई नेता हिरासत में लिए गए

पाठकों की रुचि · 59,809

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) और अन्य संगठनों के प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन से पहले शनिवार को दिल्ली में अभूतपूर्व सुरक्षा बंदोबस्त किए गए हैं। राजधानी में पुलिस और अर्द्धसैनिक बलों के 25 से 30 हजार जवान तैनात किए गए हैं, जबकि कई मेट्रो स्टेशन, ट्रेनें और इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं।

प्रदर्शन शुरू होने से पहले ही पुलिस ने बड़े पैमाने पर कार्रवाई करते हुए सीजेपी और वाम संगठनों के शीर्ष नेतृत्व को हिरासत में ले लिया है। सीजेपी संस्थापक अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को मुंबई से दिल्ली आने वाली उड़ान के दौरान ही विमान के भीतर से हिरासत में ले लिया गया। वहीं, आइसा की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा, वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण, राजनीतिक कार्यकर्ता योगेंद्र यादव और सीपीआई-एमएल के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य को सफदरजंग फ्लाईओवर के पास से हिरासत में लिया गया। आम आदमी पार्टी के नेता मनीष सिसोदिया और गोपाल राय को भी पुलिस ने हिरासत में लिया है।

हिरासत में लिए जाने के बाद अभिजीत दीपके ने वीडियो जारी कर कहा कि आंदोलन का नेतृत्व अब अजिंक्य शिंदे करेंगे। सीजेपी ने तीनों नेताओं की सुरक्षा पर गहरी चिंता जताते हुए उनके परिवारों और वकीलों को मिलने की अनुमति देने की मांग की है। दूसरी ओर, मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पुलिस ने दीपके को उनकी दादी के निधन की सूचना दी है।

कौमी गज़ेट
लेख के बीच विज्ञापन
लेख · मध्य भाग
विज्ञापन

राजधानी के कनॉट प्लेस और अन्य इलाकों में सीजेपी समर्थकों और विरोधियों के बीच झड़प की भी खबरें सामने आई हैं। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पुलिस विरोधियों को खुली छूट दे रही है जबकि उनके शांतिपूर्ण प्रदर्शन को दबाया जा रहा है। दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन के लिए केवल तीन दिन पहले अनुमति मांगने का हवाला देते हुए एहतियातन शहर भर में रातभर में एक हजार से अधिक लोगों को हिरासत में लिया है।

सुरक्षा व्यवस्था और परिवहन प्रतिबंधों के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में एक अवमानना याचिका भी दायर की गई है। याचिका में गृह मंत्रालय के सचिव आईएएस गोविंद मोहन, दिल्ली पुलिस आयुक्त आईपीएस अनुराग कुमार और डीएमआरसी की अध्यक्ष आईएएस डी. थारा को पक्षकार बनाया गया है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि परिवहन सेवाएं ठप कर अदालत के निर्देशों का उल्लंघन किया गया है। जंतर-मंतर और उसके आसपास के रास्तों पर भारी पुलिस बल तैनात है और सड़कों पर नुकीली कीलें लगाई गई हैं।

शेयर करेंWhatsAppFacebook

संबंधित खबरें