राष्ट्रीय राजधानी में कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के शनिवार को प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर होने वाले इस प्रदर्शन के मद्देनजर दिल्ली पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने व्यापक तैयारियां की हैं, जिससे शहर में यातायात और सार्वजनिक परिवहन प्रभावित होने की आशंका है।
विभिन्न बलों के लगभग 23,000 अर्धसैनिक कर्मियों को तैनात किया गया है। इस सुरक्षा बल में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल, सशस्त्र सीमा बल, रैपिड एक्शन Force, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस और केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल के जवान शामिल हैं। इसके अलावा, भीड़ पर नजर रखने और निगरानी बढ़ाने के लिए जंतर-मंतर, संसद मार्ग और मध्य दिल्ली के अन्य संवेदनशील इलाकों में 300 अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं और बैरिकेडिंग की गई है। पुलिस दिल्ली में प्रवेश करने वाले वाहनों और बसों की आवाजाही पर भी कड़ी नजर रख रही है।
याचिका या नियमों के पालन में कथित कमियों का हवाला देते हुए दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर पर इस प्रदर्शन के लिए अनुमति देने से इनकार कर दिया है। सीजेपी यह प्रदर्शन मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में कथित अनियमितताओं को लेकर मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे की मांग के लिए आयोजित कर रही है। इस मुद्दे पर कुछ विपक्षी दल और छात्र संगठन भी समर्थन दे रहे हैं।
सुरक्षा उपायों के तहत, अधिकारियों ने दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन को पत्र लिखकर शुक्रवार रात 9 बजे से 57 मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वार बंद करने का अनुरोध किया है ताकि भीड़ को संवेदनशील इलाकों की ओर बढ़ने से रोका जा सके। रेलवे आदेश के अनुसार, शुक्रवार दोपहर 2 बजे के बाद अपनी मूल यात्रा शुरू करने वाली और शनिवार को निर्धारित समय पर दिल्ली पहुंचने वाली कुछ मेल व एक्सप्रेस ट्रेनों को भी उनके शुरुआती स्टेशनों पर ही रद्द कर दिया गया है।
प्रशासन ने छात्रों की भागीदारी की संभावना के चलते शैक्षणिक संस्थानों और पीजी आवास संचालकों के साथ समन्वय करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा व्यवस्था का उद्देश्य कानून-व्यवस्था बनाए रखना और अनधिकृत सभाओं को रोकना है।

