दिल्ली पुलिस ने आगामी 10 अक्टूबर को कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) और अन्य संगठनों द्वारा जंतर-मंतर पर प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन को लेकर एक कड़ा सुरक्षा खाका तैयार किया है। जुलाई के प्रदर्शन के दौरान हुए आकलन को ध्यान में रखते हुए पुलिस ने इस बार किसी भी तरह के धरने या प्रदर्शन की अनुमति देने से इनकार कर दिया है।
पुलिस मुख्यालय में हुई उच्च स्तरीय बैठक में यह रणनीति तय की गई। पुलिस आयुक्त अनुराग कुमार की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में सभी जिला प्रमुखों को अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में ही प्रदर्शनकारियों को रोकने और विशेष हिरासत केंद्र स्थापित करने के निर्देश दिए गए। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पिछली बार भीड़ और इकाइयों के समन्वय में हुई कमियों से सबक लेते हुए इस बार ‘वन पॉइंट, वन यूनिट’ का फार्मूला अपनाया गया है। इसके तहत नई दिल्ली जिले में 37 ब्लॉकिंग पॉइंट बनाए गए हैं, और प्रत्येक पॉइंट पर एक विशिष्ट जिले या यूनिट को तैनात किया जाएगा।
राजधानी के सभी जिलों, इकाइयों और बटालियनों को सुबह 11 बजे निर्धारित असेंबली पॉइंट पर रिपोर्ट करने को कहा गया है। इसके अलावा, होटलों और गेस्ट हाउसों की भी जांच की गई है और उन्हें निर्देश दिए गए हैं कि वे विरोध प्रदर्शन के लिए आ रहे नए आगंतुकों को न ठहराएं तथा किसी भी संदिग्ध व्यक्ति की सूचना तुरंत स्थानीय पुलिस को दें।
खुफिया इनपुट के आधार पर पुलिस ने महिला कर्मियों को आगे तैनात करने का निर्णय लिया है, जिन्हें छोटे बॉडी-वॉर्न कैमरों से लैस किया जाएगा। सभी संबंधित जिला और यूनिट प्रमुखों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि तैनात कर्मी समय पर अपने निर्धारित स्थानों पर पहुंचें और कानून-व्यवस्था बनाए रखें।

