नई दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के आवास के बाहर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। अधिकारियों ने बताया कि यह कदम नए खुफिया इनपुट और राजधानी में चल रहे विरोध प्रदर्शनों के मद्देनजर उठाया गया है।
मुख्य चुनाव आयुक्त के पास पहले से ही जेड-प्लस सुरक्षा कवर मौजूद है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि नवीनतम इनपुट को देखते हुए उनके आवास के बाहर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। स्थानीय जिला पुलिस को भी कर्मियों की तैनाती बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारी के अनुसार, चूंकि नई दिल्ली जिले में पहले से ही प्रदर्शन जारी हैं, इसलिए किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए सभी सुरक्षा एजेंसियों को आपस में तालमेल रखने को कहा गया है।
जेड-प्लस देश में प्रधानमंत्री और उनके परिवार को मिलने वाले एसपीजी कवर के बाद दूसरी सबसे उच्च सुरक्षा श्रेणी है। इस श्रेणी के तहत लगभग 50 कर्मी शिफ्ट में काम करते हैं और सुरक्षित व्यक्ति के आवास तथा काफिले के लिए विशेष प्रबंध किए जाते हैं।
यह बढ़ी हुई सुरक्षा व्यवस्था ऐसे समय में की गई है जब लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में इंडिया ब्लॉक के नेता चुनाव आयोग द्वारा मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में कथित अनियमितताओं को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। विपक्षी दलों ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की है।
इस बीच, राष्ट्रीय राजधानी में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए केंद्रीय बलों की भारी तैनाती की गई है। गृह मंत्रालय ने 8 से 12 अक्टूबर तक दिल्ली पुलिस को केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) की 221 कंपनियां यानी लगभग 23,000 कर्मी उपलब्ध कराए हैं। कानून-व्यवस्था के लिहाज से राजधानी में विरोध प्रदर्शन के दौरान यह केंद्रीय बलों की सबसे बड़ी तैनाती में से एक है।
अधिकारियों ने बताया कि इन बलों के लिए सीआरपीएफ की कंपनियों को जम्मू-कश्मीर, पश्चिम बंगाल और छत्तीसगढ़ से लाया जा रहा है। ये अतिरिक्त बल दिल्ली पुलिस को प्रदर्शनों से निपटने, प्रमुख सरकारी इमारतों को सुरक्षित रखने और मध्य दिल्ली में कानून व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करेंगे।

