नई दिल्ली —
प्रसिद्ध अर्थशास्त्री और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के पति परकल प्रभाकर आगामी 23 अक्टूबर 2026 को एक बड़े विरोध प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे हैं। यह प्रदर्शन मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी ‘स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन’ (SIR) के खिलाफ आयोजित किया गया है, जिसमें मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की जा रही है।
इस विरोध प्रदर्शन का आयोजन ‘पीपल अगेंस्ट एसआईआर’ नामक गठबंधन द्वारा किया जा रहा है, जिसका गठन गत 14 अक्टूबर को हुआ था। इस गठबंधन में छात्र, युवा, किसान, मजदूर, महिलाएं, दलित, आदिवासी, अल्पसंख्यक, दिव्यांगजन और ट्रांसजेंडर समुदायों का प्रतिनिधित्व करने वाले विभिन्न संगठन शामिल हैं। गठबंधन का मुख्य उद्देश्य एसआईआर प्रक्रिया को पूरी तरह रद्द करना और मतदाता सूची से हटाए गए मतदाताओं के नाम पुनः बहाल करवाना है।
इस आंदोलन के संदर्भ में परकल प्रभाकर ने एसआईआर प्रक्रिया की तीखी आलोचना करते हुए इसे नागरिकों की मताधिकार से वंचित करने वाला और लक्षित तरीके से नाम हटाने का कदम बताया। उन्होंने इस पूरी प्रक्रिया को “नागरिकता का रक्तहीन राजनीतिक जनसंहार” करार दिया।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, आगामी 23 अक्टूबर को आयोजित होने वाले इस जन मार्च और प्रदर्शन में परकल प्रभाकर अभिनेता व कार्यकर्ता प्रकाश राज, वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण, कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके और ऑल इंडिया स्टूडेंट्स यूनियन की अध्यक्ष नेहा बोरा के साथ मंच साझा करेंगे। इसके अलावा, इस प्रदर्शन में किसान नेता राकेश टिकट, तुषार गांधी और आइशी घोष के भी शामिल होने की संभावना है।
इस गठबंधन की प्रमुख मांगों में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को उनके पद से हटाने के साथ-साथ उनके विरुद्ध मुकदमा चलाना भी शामिल है। आगामी 23 अक्टूबर को प्रस्तावित इस प्रदर्शन को लेकर विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक संगठनों के बीच सुगबुगाहट तेज हो गई है।

