बुलंदशहर —
संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) ने बुलंदशहर समेत विभिन्न जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन और महापंचायत का आयोजन किया। किसानों ने गन्ने का समर्थन मूल्य ₹600 प्रति क्विंटल घोषित करने, न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की कानूनी गारंटी देने और स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को पूरी तरह लागू करने की मांग उठाई है।
यह आंदोलन राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत के नेतृत्व में चलाया जा रहा है, जिसके तहत लखनऊ सहित अन्य जिलों में प्रशासनिक अधिकारियों के घेराव जैसे कदम उठाए जा रहे हैं। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि मांगें पूरी नहीं हुईं तो आगामी 26 नवंबर को संयुक्त देशव्यापी स्तर पर दिल्ली कूच किया जाएगा।
भारतीय किसान यूनियन टिकैत के जिला अध्यक्ष अरब सिंह ने चेतावनी देते हुए कहा कि गन्ने का मूल्य नहीं बढ़ाए जाने पर हाईवे जाम किए जाएंगे, चीनी मिलों का संचालन रोका जाएगा और गन्ना विभाग के अधिकारियों को कार्यालयों में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा। उन्होंने पुलिस-प्रशासन द्वारा कार्यकर्ताओं को नजरबंद किए जाने और हिरासत में लेने की कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि दमनकारी नीतियों से आंदोलन को दबाया नहीं जा सकता।
महापंचायत के दौरान किसान वक्ताओं ने निर्वाचन आयोग की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि हालिया प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूचियों से करोड़ों मतदाताओं के नाम काट दिए गए। इसके अलावा, प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक मामलों और बढ़ती बेरोजगारी को लेकर भी किसानों ने गहरा रोष व्यक्त किया।

