विजयवाड़ा —
आंध्र प्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग (SEC) ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद राज्यभर के सभी 100 शहरी स्थानीय निकायों (ULB) में चुनाव प्रक्रिया पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। इस फैसले के दायरे में 13 नगर निगम और 87 नगरपालिकाएं व नगर पंचायतें आती हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने आयोग को निर्देश दिया है कि वह वैध उम्मीदवारों की अंतिम सूची के प्रकाशन को 25 अक्टूबर तक स्थगित रखे। इसके साथ ही अदालत ने याचिकाकर्ताओं और प्रभावित उम्मीदवारों द्वारा दाखिल की गई शिकायतों, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों और अभ्यावेदनों की जांच करने को भी कहा है।
यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब नामांकन प्रक्रिया के दौरान कानून-व्यवस्था की समस्याओं और सुरक्षा चिंताओं के कारण कई उम्मीदवारों को नामांकन दाखिल करने से रोके जाने की शिकायतें सामने आई थीं। इन गड़बड़ियों और झड़पों के बीच बुधवार रात राज्य निर्वाचन आयुक्त अनिल चंद्र पुनेथा ने जिला चुनाव अधिकारियों के साथ दो वीडियो कॉन्फ्रेंस कीं।
शुरुआत में पुनेथा ने सात जिला कलेक्टरों को उन 19 नगरपालिकाओं में चुनाव प्रक्रिया रोकने का निर्देश दिया था जहां नामांकन हिंसा और झड़पों से प्रभावित हुए थे। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट के आदेश की प्रति मिलने और कानूनी विशेषज्ञों से परामर्श करने के बाद, पुनेथा ने बुधवार देर रात सभी 28 जिला कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों (SPs) के साथ एक और उच्च-स्तरीय बैठक की।
सुप्रीम कोर्ट ने आयोग को यह भी निर्देश दिया है कि जिन शहरी स्थानीय निकायों में सुरक्षा कारणों से उम्मीदवारों को चुनाव लड़ने से रोके जाने के आरोप हैं, वहां नामांकन की अवधि कम से कम 48 घंटे बढ़ाई जाए। राज्य में नामांकन 16 से 18 अक्टूबर के बीच दाखिल किए गए थे, जिनकी स्क्रूटनी 19 अक्टूबर को हुई थी।
निर्वाचन आयुक्त अनिल चंद्र पुनेथा ने स्पष्ट किया है कि जिला कलेक्टरों, पुलिस आयुक्तों और पुलिस अधीक्षकों द्वारा प्रस्तुत सुरक्षा व स्थिति संबंधी रिपोर्टों की समीक्षा के बाद वीरवार को नामांकन समय सीमा बढ़ाने के संबंध में अंतिम निर्णय की घोषणा की जाएगी। आयोग अब उन शहरी स्थानीय निकायों की पहचान करेगा जहां नामांकन प्रक्रिया फिर से शुरू करने की आवश्यकता है, जिसमें विशेष रूप से हिंसा से प्रभावित 19 नगरपालिकाएं शामिल हैं।

