नई दिल्ली —
प्रसिद्ध अर्थशास्त्री और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के पति परकाला प्रभाकर आगामी 23 अक्टूबर, 2026 को होने वाले राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे हैं। यह प्रदर्शन मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के विरोध में और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर आयोजित किया जा रहा है।
‘पीपल अगेंस्ट एसआईआर’ गठबंधन के बैनर तले आयोजित होने वाले इस राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शन के तहत ‘हर हाथ में तिरंगा, हर गली में जंतर-मंतर’ का नारा दिया गया है। आयोजकों और आलोचकों का आरोप है कि विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया से पात्र मतदाताओं के मताधिकार से वंचित होने और बड़े पैमाने पर नाम कटने का गंभीर जोखिम पैदा हो गया है। हालांकि, निर्वाचन आयोग का कहना है कि यह संशोधन अभ्यास मतदाता सूचियों को अद्यतन करने के लिए है।
इस विरोध प्रदर्शन के दौरान परकाला प्रभाकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके, आइसा अध्यक्ष नेहा बोरा, अभिनेता-कार्यकर्ता प्रकाश राज और किसान नेता राकेश टिकैत के साथ मंच साझा करेंगे। परकाला प्रभाकर ने इस पूरी प्रक्रिया को ‘नागरिकता का रक्तहीन राजनीतिक नरसंहार’ करार दिया है।
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के पति होने के बावजूद परकाला प्रभाकर इससे पहले भी केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों, शासन और चुनावी तौर-तरीकों की आलोचना करते रहे हैं। इससे पहले वे 8 अक्टूबर को बेंगलुरु के फ्रीडम पार्क में यूट्यूबर ध्रुव राठी और प्रकाश राज के साथ सीजेपी के विरोध प्रदर्शन में भी शामिल हुए थे।
इस बीच, दिल्ली पुलिस ने 10 अक्टूबर को सीजेपी द्वारा नियोजित विरोध प्रदर्शन पर कार्रवाई की थी और जंतर-मंतर को विरोध प्रदर्शन स्थल के रूप में अधिसूचित सूची से हटा दिया था। ‘पीपल अगेंस्ट एसआईआर’ गठबंधन द्वारा निर्धारित आगामी 23 अक्टूबर, 2026 को लोकतंत्र की बहाली के लिए पीपुल्स मार्च निकाला जाना है।

