नई दिल्ली —
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पूर्व तमिलनाडु अध्यक्ष के. अनामलाई ने कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के सदस्यों के खिलाफ दिल्ली पुलिस की कार्रवाई की आलोचना की है। मंगलवार को दिए अपने बयान में अनामलाई ने कहा कि सीजेपी सदस्यों को गिरफ्तार करना और जेल में घसीटना उचित नहीं है और पुलिस इस मामले में ‘वास्तविक नुकसान’ (रियल डिससर्विस) कर रही है।
सीजेपी ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और संबंधित मामलों पर सवाल उठाए थे, जिसके बाद पुलिस ने इसके सदस्यों के खिलाफ कार्रवाई की और गिरफ्तारियां कीं। अनामलाई ने हालांकि यह भी कहा कि वह इस समूह के सभी तरीकों या विरोध प्रदर्शन के तौर-तरीकों से सहमत नहीं हो सकते हैं, लेकिन वे उनके सवाल उठाने के लोकतांत्रिक अधिकार का पूर्ण समर्थन करते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को समूह के सवालों का समाधान करना चाहिए और अधिकारियों को गिरफ्तारी का सहारा लेने के बजाय गंभीर सार्वजनिक प्रश्नों के उत्तर देने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।
उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस ने कानून अपने हाथ में ले लिया है। इस बीच, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सीजेपी नेताओं की रिमांड अवधि बढ़ाए जाने पर कड़ी आपत्ति जताई है। ममता बनर्जी ने इस कार्रवाई की निंदा करते हुए इसे ‘राज्य प्रायोजित आतंकवाद और पुलिस प्रायोजित अत्याचार’ करार दिया है।
अनामलाई ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के संबंध में भी टिप्पणी की और कहा कि राहुल गांधी को मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण (SIR) पर सवाल उठाने का पूरा अधिकार है, बशर्ते इससे किसी प्रकार की संस्थागत क्षति न पहुंचे।

