कौमी गज़ेट
प्रीमियम विज्ञापन स्थान
प्रीमियम · शीर्ष बैनर
विज्ञापन

भारत

दिल्ली उच्च न्यायालय ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति ठुकराने को चुनौती देने वाली याचिका पर शुरू की सुनवाई

पाठकों की रुचि · 38,517

दिल्ली उच्च न्यायालय ने मंगलवार को भारतीय यूथ कांग्रेस (IYC) अध्यक्ष उदय भानु चिब की उस याचिका पर सुनवाई शुरू की, जिसमें जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अनुमति ठुकराने को चुनौती दी गई है। यह याचिका एक अक्टूबर से 25 अक्टूबर तक जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति न मिलने के खिलाफ दायर की गई है।

न्यायाधीश अमित महाजन की अदालत में सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से पेश हुए अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल चेतन शर्मा ने दावा किया कि जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थल की सूची से हटाए जाने के बाद यह याचिका ‘निष्फल’ (infructuous) हो चुकी है।

दूसरी ओर, याचिकाकर्ता की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता सिद्धार्थ लुथरा ने केंद्र के इस तर्क का विरोध किया। उन्होंने आरोप लगाया कि जंतर-मंतर की अधिसूचना रद्द करना एक ‘षड्यंत्र’ (subterfuge) है और मामले में नोटिस जारी कर सुनवाई होनी चाहिए। उन्होंने अदालत को बताया कि याचिका में संशोधन किया जाएगा। अदालत ने मामले को थोड़ी देर के लिए टाल दिया और दिन में बाद में इस पर आगे की सुनवाई तय की।

कौमी गज़ेट
लेख के बीच विज्ञापन
लेख · मध्य भाग
विज्ञापन

याचिका के अनुसार, IYC ने 25 सितंबर को एक से 25 अक्टूबर के बीच सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक जंतर-मंतर पर लगभग 100 से 150 लोगों के साथ शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने की अनुमति मांगी थी। नई दिल्ली के पुलिस उपायुक्त ने एक अक्टूबर को यह प्रस्ताव खारिज कर दिया था। पुलिस ने कानून-व्यवस्था की स्थिति, यातायात व्यवस्था और एक दिन से अधिक समय तक धरना-प्रदर्शन की अनुमति न देने वाले नियमों का हवाला दिया था।

याचिका में मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ प्रस्तावित प्रदर्शन का उल्लेख किया गया है, जिसमें दो चुनाव आयुक्तों की आपत्तियों से जुड़ी मीडिया रिपोर्टों का हवाला दिया गया है। याचिका में तर्क दिया गया है कि पुलिस को स्पष्ट कानूनी आधार के बिना शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक सभा को रोकने के लिए अपनी विनियामक शक्तियों का असीमित उपयोग करने की अनुमति नहीं दी जा सकती। मामले पर आगे की कार्यवाही जारी है।

शेयर करेंWhatsAppFacebook

संबंधित खबरें