ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के महासचिव और सांसद के.सी. वेणुगोपाल ने रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार पर भारतीय लोकतंत्र को कमजोर करने का आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया कि सत्ताधारी प्रतिष्ठान लोकतांत्रिक संस्थानों को कमजोर करने के लिए आपराधिक मानसिकता वाले लोगों का इस्तेमाल कर रहा है। उन्होंने कसम खाई कि मुख्य चुनाव आयुक्त को उनके पद से हटाए जाने तक यह आंदोलन जारी रहेगा।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की तीखी आलोचना करते हुए कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि उन्हें देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को तहस-नहस करने के लिए पद पर बैठाया गया था। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक उन्हें पद से नहीं हटाया जाता, तब तक विरोध प्रदर्शन समाप्त नहीं होगा।
श्री वेणुगोपाल ने आरोप लगाया कि मोदी-शाह के शासनकाल में यह अहंकार देखा जा रहा है कि जनता के समर्थन के बिना भी केवल इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम), विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया और सरकार के प्रभाव में काम करने वाले सीईसी के भरोसे सत्ता में बने रहा जा सकता है। उन्होंने विपक्षी दलों और अन्य संगठनों द्वारा चलाए जा रहे इस संघर्ष को देश के क्षज हो रहे लोकतांत्रिक संस्थानों और नागरिक अधिकारों को बहाल करने के लिए ‘दूसरा स्वतंत्रता संग्राम’ करार दिया।
नई दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कांग्रेस सांसद ने आरोप लगाया कि सरकार ने अपने ही नागरिकों के खिलाफ पुलिस और अर्धसैनिक बलों का भारी दस्ता तैनात किया है। उन्होंने दावा किया कि यह तैनाती देश की सीमाओं पर चीनी घुसपैठ के समय की गई सुरक्षा प्रतिक्रिया से भी अधिक थी। उन्होंने कहा कि आम नागरिकों को नियंत्रित करने के लिए विभिन्न राज्यों से बटालियन बुलाई गईं और देश की जनता के खिलाफ अघोषित युद्ध छेड़ दिया गया।
उन्होंने आरोप लगाया कि विरोध प्रदर्शन शुरू होने से पहले ही पुलिस का सुरक्षा घेरा तैयार करना यह दर्शाता है कि केंद्र के नेतृत्व में डर पैदा होने लगा है। सरकार की दमनकारी कार्रवाई की आलोचना करते हुए उन्होंने आम जनता को हो रही असुविधा का भी जिक्र किया और कहा कि वैध प्रदर्शनों को दबाना और प्रदर्शनकारियों को खींचना फासीवाद से भी अधिक खतरनाक है। श्री वेणुगोपाल ने दोहराया कि तमाम बाधाओं के बावजूद नई दिल्ली में एक विशाल विरोध प्रदर्शन का आयोजन किया जाएगा।

