दिल्ली के कनॉट प्लेस में स्थित मोएट्स रेस्तरां में गुरुवार को इंडिया गठबंधन के सांसदों की एक और बैठक बुलाई गई। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खर्गे की ओर से लोकसभा और राज्यसभा के सभी विपक्षी सांसदों को दोपहर 1.45 बजे इस दोपहर के भोजन के लिए आमंत्रित किया गया।
सूत्रों के अनुसार, बुधवार की तरह इस बैठक के बाद भी एक विरोध प्रदर्शन की योजना है, जिसके स्वरूप और स्थान पर चर्चा भोजन के दौरान ही तय की जाएगी। समाजवादी पार्टी, जो बुधवार के भोजन में शामिल नहीं हो पाई थी, इस बार अधिक सांसदों और दलों के साथ जुड़ने की संभावना है।
यह लगातार दूसरा दिन है जब कांग्रेस और उसके सहयोगी दल मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर अपनी मुहिम तेज कर रहे हैं। विपक्षी दल मतदाता सूची के ‘विशेष गहन संशोधन’ (एसआईआर) से जुड़े मुद्दों को लेकर सरकार पर दबाव बनाए रखना चाहते हैं। इससे पहले मंगलवार को सांसदों ने चुनाव आयोग की ओर मार्च किया था, जिसे पुलिस ने बीच में ही रोक दिया था। इस दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी और वायनाड सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा आकाशवाणी भवन परिसर में दाखिल हुए और घंटों वहां रहे, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया और बाद में रिहा कर दिया।
बुधवार को भी जंतर-मंतर के पास प्रदर्शन के दौरान ड्रामेटिक दृश्य देखे गए, जहां प्रियंका गांधी ने संविधान की प्रति थामे सड़क पर लेटकर विरोध जताया था। राहुल गांधी ने घोषणा की थी कि जब तक मुख्य निर्वाचन आयुक्त इस्तीफा नहीं देते, प्रदर्शन जारी रहेंगे। दोनों दिन प्रदर्शनकारी सांसदों को पुलिस ने हिरासत में लिया और बाद में छोड़ दिया।
हालांकि, विपक्षी खेमे के भीतर कुछ असहजता भी देखने को मिली है। मंगलवार को आकाशवाणी भवन में गांधी भाई-बहनों के धरने को लेकर कुछ सहयोगियों की नाराजगी सामने आई थी, जिसके बाद वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं ने सहयोगियों से संपर्क कर इसे एक अनियोजित कदम बताया था। इसके अलावा, तमिलनाडु चुनाव परिणामों के बाद कांग्रेस से नाता तोड़ने वाली डीएमके और पंजाब में कांग्रेस के साथ चुनावी मुकाबले का सामना कर रही आप इन प्रदर्शनों से दूर हैं। समाजवादी पार्टी के नेताओं ने बुधवार की अनुपस्थिति के पीछे कांग्रेस के साथ समन्वय की कमी और सांसदों के दिल्ली से चले जाने का हवाला दिया, जबकि कांग्रेस ने भोजन की योजना देर से बनने की बात कहकर इसे तूल नहीं दिया।

