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उत्तर प्रदेश

उत्तर प्रदेश सरकार ने भवन मानचित्र स्वीकृति के लिए एनओसी की अनिवार्यता समाप्त की

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लखनऊ — उत्तर प्रदेश सरकार ने आवास विकास परिषद की योजनाओं के दायरे में आने वाले संपत्ति मालिकों को बड़ी राहत दी है। सरकार ने भवन मानचित्र (बिल्डिंग प्लान) स्वीकृत कराने के लिए आवास विकास परिषद से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) प्राप्त करने की अनिवार्यता को समाप्त कर दिया है।

इस निर्णय का उद्देश्य प्रशासनिक बाधाओं को कम करना, मानचित्र स्वीकृति की समयावधि को घटाना और लागत में कमी लाना है। नए आदेश के तहत, सितंबर 2010 के उस शासनादेश के प्रावधानों को वापस ले लिया गया है जिसके तहत आवास विकास योजनाओं के 500 मीटर के दायरे में आने वाली संपत्तियों के लिए विकास प्राधिकरण से मानचित्र पास कराने से पहले एनओसी लेना अनिवार्य था।

इस व्यवस्था के हटने से लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए), कानपुर विकास प्राधिकरण और आगरा विकास प्राधिकरण समेत अन्य विकास प्राधिकरणों क्षेत्रों में भवन निर्माण से जुड़े मामलों में प्रक्रिया सरल होगी। हालांकि, उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद अपनी योजनाओं और उनके चारों तरफ के 500 मीटर के परिधीय क्षेत्र की भूमि पर बेटरमेंट चार्ज (सुधार शुल्क) के निर्धारण और वसूली की प्रक्रिया को संभालती रहेगी, जिसे अब भवन मानचित्र स्वीकृति प्रक्रिया से अलग कर दिया गया है। संबंधित विकास प्राधिकरण अपने प्रोजेक्ट से जुड़े बेटरमेंट चार्ज की वसूली जारी रखेंगे।

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विशेषज्ञों के अनुसार, जुलाई 2025 में लागू किए गए उत्तर प्रदेश भवन निर्माण और विकास उपनियमों के तहत दो दर्जन से अधिक पुराने नियमों और दिशानिर्देशों को हटाया गया था, और यह ताजा कदम उसी दिशा में प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सुगम बनाने की एक और कड़ी है।

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