चंडीगढ़ —
हरियाणा कांग्रेस ने 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित होने वाली ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ रैली के लिए राज्य स्तर पर जनसंपर्क और गोलबंदी अभियान शुरू कर दिया है। इस रैली के जरिए पार्टी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग के साथ-साथ कथित चुनावी अनियमितताओं की स्वतंत्र जांच की मांग भी उठाई है।
प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में शनिवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए हरियाणा मामलों के एआईसीसी महासचिव संजय दत्त और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने भारतीय जनता पार्टी पर चुनावी पारदर्शिता को कमजोर करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यह रैली चुनावी प्रक्रिया में जवाबदेही तय करने के दबाव के लिए आयोजित की जा रही है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस नेताओं ने मतदाता सूचियों में पात्र मतदाताओं के नाम गलत तरीके से हटाने के खिलाफ सुरक्षा उपायों और सूचियों में नाम जोड़ने, हटाने तथा संशोधन करने की प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग की। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग को स्वतंत्र रूप से काम करना चाहिए और विपक्ष द्वारा उठाए गए सभी चिंताओं का समाधान करना चाहिए।
वर्ष 2024 के हरियाणा विधानसभा चुनावों का हवाला देते हुए संजय दत्त और राव नरेंद्र सिंह ने कहा कि कांग्रेस ने चुनावी प्रक्रिया और परिणामों पर गंभीर सवाल उठाए थे। उन्होंने राहुल गांधी के ‘वोट चोरी’ के आरोपों का भी जिक्र किया और इन चिंताओं की एक विश्वसनीय जांच की मांग दोहराई। नेताओं ने कहा कि मतदान के अधिकारों की रक्षा करना महज एक राजनीतिक मुकाबला नहीं बल्कि एक गंभीर संवैधानिक मुद्दा है। उन्होंने भाजपा को चुनौती दी कि वह विपक्ष की चिंताओं को खारिज करने के बजाय चुनावी निष्पक्षता पर उठे सवालों के जवाब दे।
इस रैली की तैयारियों को लेकर एआईसीसी संगठन महासचिव के सी वेणुगोपाल ने 23 अक्टूबर को नई दिल्ली में एक समीक्षा बैठक की थी। इसके तहत जिला और ब्लॉक इकाई के अध्यक्षों, विधायकों, पूर्व विधायकों, पूर्व मंत्रियों और पार्टी उम्मीदवारों को लोगों की भागीदारी और परिवहन व्यवस्थाओं को समन्वयित करने के निर्देश दिए गए हैं। दत्त और राव ने पार्टी कार्यकर्ताओं से राज्यभर में अपने समर्थकों को एकजुट करने का आह्वान किया है ताकि हर जिले से मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई जा सके। इसके अलावा, पार्टी ने किसानों, मजदूरों, युवाओं, छात्रों, महिलाओं और अन्य नागरिकों से भी इस रैली में शामिल होने की अपील की है।
कांग्रेस का कहना है कि 1 नवंबर का यह प्रदर्शन चुनावी पारदर्शिता, चुनाव पैनल की जवाबदेही और हर पात्र नागरिक के मताधिकार की रक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण कदम होगा।

