लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने राजधानी लखनऊ के फैजुल्लागंज और आसपास के निचले इलाकों को बाढ़ तथा जलभराव की समस्या से स्थायी रूप से मुक्ति दिलाने का निर्णय लिया है। इसके तहत आईआईएम रोड से पक्का पुल तक गोमती नदी के बाएं तट पर 5.5 किलोमीटर लंबे तटबंध (embankment) का निर्माण किया जाएगा। यह निर्णय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के बीच हुई एक उच्चस्तरीय बैठक में लिया गया।
इस परियोजना के अंतर्गत क्षेत्र में जल निकासी व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 12 नए पंपिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे और न्याय विहार से एल्डिको ड्रेन तक एक नया ड्रेनेज नेटवर्क तैयार किया जाएगा। इसके अलावा गोमती नदी में ड्रेजिंग का काम भी तेज किया जाएगा।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि लखनऊ के नागरिकों को जलभराव की समस्या से स्थायी राहत दिलाना प्राथमिकता है।
गौरतलब है कि फैजुल्लागंज और गोमती नदी के आसपास के निचले इलाकों में लंबे समय से जलभराव की गंभीर समस्या रही है। अधिकारियों के अनुसार, पिछले 8 अक्टूबर को गोमती नदी का जलस्तर 108.60 मीटर तक पहुंच गया था, जबकि यहां चेतावनी का स्तर 108.50 मीटर है। इस स्थिति के कारण फैजुल्लागंज के 21 मोहल्लों की 6,500 परिवारों के 38 हजार से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हुए थे।
संकट के दौरान एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और पीएसी की सहायता से 16 राहत चौकियां, 8 आश्रय गृह, 106 नावें, 40 मोटरबोट और 19 स्टीमर संचालित किए गए थे। प्रशासन की ओर से 11,275 खाद्य किट, 67,800 भोजन के पैकेट और 1.18 लाख लीटर से अधिक पेयजल का वितरण किया गया था, जबकि चिकित्सा टीमों ने 8,591 मरीजों का उपचार किया था।
भविष्य की योजनाओं में तटबंध और ड्रेनेज नेटवर्क के निर्माण के साथ-साथ एक नया एकीकृत शिक्षण संस्थान (प्री-प्र प्राइमरी से 12वीं तक) स्थापित करना, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में उच्चीकरण और बेहतर विद्युत आपूर्ति के लिए 132 केवी का नया उप-केंद्र स्थापित करना भी शामिल है।

