मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची में एसआईआर (SIR) प्रक्रिया के विरोध में ‘इंडिया’ गठबंधन का आंदोलन बुधवार को भी जारी रहा। इस बीच, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने जनपथ स्थित एक रेस्तरां में विपक्षी सांसदों को दोपहर के भोज पर आमंत्रित किया, जहां मंगलवार के घटनाक्रम के बाद आगे की रणनीति पर विचार किया गया। सूत्रों के अनुसार, इस बैठक में सांसदों ने मुख्य चुनाव आयुक्त से मिलने की मांग वाले एक पत्र पर भी हस्ताक्षर किए।
मंगलवार को संसद से निर्वाचन आयोग के मुख्यालय तक निकाले गए विपक्षी मार्च के दौरान भारी गतिरोध देखने को मिला था। पुलिस द्वारा रास्ता रोके जाने के बाद राहुल गांधी बैरिकेड पर चढ़कर तिरंगा लहराते नजर आए थे। इसके बाद राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा समेत कई विपक्षी नेता आकाशवाणी भवन परिसर में धरने पर बैठ गए थे। करीब नौ घंटे तक चले इस प्रदर्शन के बाद पुलिस ने नेताओं को हिरासत में ले लिया था और बाद में रिहा कर दिया गया।
आकाशवाणी की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए दिल्ली पुलिस ने बिना अनुमति परिसर में घुसने के आरोप में राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कहा कि वे एक मुकदमे से पीछे नहीं हटेंगे और अंत तक संघर्ष करेंगे।
विपक्ष के इस मुखर विरोध के बीच निर्वाचन आयोग ने बड़ा प्रशासनिक कदम उठाते हुए सीईसी ज्ञानेश कुमार और वरिष्ठ अधिकारियों का प्रस्तावित दो दिवसीय छत्तीसगढ़ दौरा स्थगित कर दिया है। उधर, दिल्ली पुलिस ने चुनाव आयोग कार्यालय, जंतर-मंतर और संसद मार्ग के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी है और भारी बैरिकेडिंग की गई है।
मंगलवार के मार्च से दूरी बनाए रखने वाली आम आदमी पार्टी (AAP) ने बुधवार को रुख बदलते हुए कांग्रेस और वाम दलों के साथ दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) के कार्यालय के बाहर प्रदर्शन का ऐलान किया। वहीं, ओडिशा की बीजू जनता दल (BJD) ने स्पष्ट किया है कि वह ‘इंडिया’ ब्लॉक का हिस्सा नहीं है, इसके बावजूद उसने मंगलवार के प्रदर्शन में हिस्सेदारी की थी।
भारतीय जनता पार्टी ने इस पूरे घटनाक्रम को खारिज करते हुए तीखी प्रतिक्रिया दी है। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्षी प्रदर्शन को ‘नाटक’ करार देते हुए उनसे जनादेश स्वीकार करने को कहा। इसके विपरीत, झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के नेता मनोज पांडे ने सत्ता पक्ष पर तानाशाही का आरोप लगाते हुए कहा कि केंद्र सरकार डरी हुई है।
विपक्ष ने अपनी मुख्य मांगों को दोहराते हुए सीईसी ज्ञानेश कुमार को हटाने, एसआईआर प्रक्रिया वापस लेने और वोटर लिस्ट से काटे गए पात्र मतदाताओं के नाम बहाल करने की मांग की है। कांग्रेस नेता उदित राज ने दावा किया कि आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर देश के विभिन्न हिस्सों में और भी बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन आयोजित किए जाएंगे।

