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मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ विपक्ष का महाभियोग और दिल्ली चलो मार्च का ऐलान

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नई दिल्ली —

विपक्ष के INDIA गठबंधन ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ 30 अक्टूबर को नई दिल्ली में एक प्रतीकात्मक सार्वजनिक महाभियोग और मॉक असेंबली (संसद का फर्जी सत्र) आयोजित करने का ऐलान किया है। इस कार्यक्रम के बाद 1 नवंबर को रामलीला मैदान तक ‘दिल्ली चलो’ मार्च निकाला जाएगा। एआईसीसी के महासचिव केसी वेणुगोपाल के अनुसार, इस मॉक असेंबली में शीर्ष विपक्षी सांसद और गठबंधन के नेता एकत्र होकर मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की मांग का सार्वजनिक फैसला सुनाएंगे।

यह पूरा विरोध प्रदर्शन मतदाता सूची में कथित हेरफेर और विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision) अभ्यास के दौरान बड़े पैमाने पर मतदाताओं के नाम हटाने तथा मनमाने ढंग से चुनावी सूची में संशोधन करने के आरोपों के कारण शुरू हुआ है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी सहित कई प्रमुख विपक्षी नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग की है। इसके साथ ही, विपक्षी दलों ने मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्त अधिनियम, 2023 की धारा 16 को रद्द करने की मांग भी उठाई है, जिसके तहत चुनाव आयुक्तों को आधिकारिक कर्तव्यों के लिए कानूनी प्रतिरक्षा (legal immunity) प्राप्त है।

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भारतीय संविधान के अनुसार चुनाव आयुक्तों को हटाने की एक सख्त संसदीय प्रक्रिया निर्धारित है, जिसमें संसद के दोनों सदनों में दो-तिहाई बहुमत की आवश्यकता होती है। इस वजह से विपक्ष द्वारा घोषित इस प्रतीकात्मक सार्वजनिक महाभियोग का कोई सांविधिक (statutory) प्रभाव नहीं है।

दूसरी ओर, निर्वाचन आयोग ने पक्षपात के सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। आयोग का कहना है कि मतदाता सूची को अपडेट करने की प्रक्रिया पूरी तरह से नियमित और कानूनी रूप से वैध है, जिसका उद्देश्य मृत या दो बार दर्ज किए गए मतदाताओं के नामों को हटाना है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने विपक्ष के इस कदम तीखी आलोचना की है। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने राहुल गांधी और INDIA गठबंधन पर भ्रम, झूठ और छल फैलाने तथा संवैधानिक निकायों पर हमला करके राजनीतिक अराजकता पैदा करने की कोशिश करने का आरोप लगाया है। सत्तारूढ़ पार्टी का तर्क है कि चुनाव पैनल संवैधानिक सीमाओं के भीतर स्वतंत्र रूप से कार्य कर रहा है और कांग्रेस केवल राजनीतिक स्टंट कर रही है।

घोषित कार्यक्रम के तहत, 30 अक्टूबर के कार्यक्रम के तुरंत बाद 1 नवंबर को INDIA गठबंधन द्वारा राजधानी में एक विशाल ‘दिल्ली चलो’ मार्च का नेतृत्व किया जाएगा, जिसमें बड़ी संख्या में नागरिकों को जुटाने का लक्ष्य रखा गया है।

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