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अमेरिकी खुफिया एजेंसियों की चेतावनी: मध्य पूर्व में अमेरिकी कर्मियों को निशाना बना रहा है ईरान

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वाशिंगटन —

अमेरिकी खुफिया एजेंसियों ने चेतावनी दी है कि मध्य पूर्व और अन्य देशों में अमेरिकी कर्मियों को निशाना बनाने की ईरान की साजिशें उन्नत चरणों में पहुंच गई हैं। इस खतरे के मद्देनजर अमेरिका ने अपने राजनयिक कर्मचारियों को हाई अलर्ट पर रख दिया है और क्षेत्र में अपनी कूटनीतिक उपस्थिति को कम करना शुरू कर दिया है।

एक्सप्रेस और न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्टों के अनुसार, नेशनल इंटेलिजेंस के निदेशक जे क्लेटन द्वारा विदेश मंत्री मार्को रुबियो को भेजे गए एक आधिकारिक ज्ञापन में इस खतरे का विस्तार से उल्लेख किया गया है। ज्ञापन में कहा गया है कि अमेरिकी एजेंसियों को ऐसी खुफिया जानकारी मिली है जिससे यह संकेत मिलता है कि ईरान ने विदेशों में अमेरिकी कर्मियों को निशाना बनाने के अपने प्रयासों को काफी बढ़ा दिया है।

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यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब आगामी अमेरिकी मध्यावधि चुनावों के बाद अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान के खिलाफ एक नए सैन्य अभियान की संभावना जताई जा रही है। 28 फरवरी को शुरू हुए अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच युद्ध के बाद से मध्य पूर्व में अमेरिकी नागरिकों पर मंडरा रहे खतरों को एजेंसियों ने इस साल के उच्चतम स्तर पर आंका है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रुड ने कहा है कि अमेरिका एक बार फिर इस प्रकार की सैन्य कार्रवाई कर सकता है।

बढ़ते सुरक्षा जोखिमों के बीच अमेरिकी विदेश विभाग ने सऊदी अरब में अमेरिकी दूतावास से गैर-जरूरी कर्मचारियों को वापस बुलाने की घोषणा की है। यह कदम ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों द्वारा सऊदी बुनियादी ढांचे पर लगातार हो रहे हमलों के मद्देनजर उठाया गया है। इसके अलावा सीएनएन और अन्य अमेरिकी मीडिया माध्यमों के अनुसार संयुक्त अरब अमीरात, बहरीन, कुवैत, कतर, जॉर्डन और लेबनान स्थित राजनयिक मिशनों में भी कर्मचारियों की संख्या चुपचाप कम कर दी गई है। पेंटागन के अनुसार, ईरान के साथ युद्ध शुरू होने के बाद से मध्य पूर्व में 21 अमेरिकी सैन्यकर्मी मारे जा चुके हैं।

दूसरी ओर, ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) के प्रवक्ता हुसैन मोहेब्बी ने चेतावनी दी है कि यदि अमेरिका नए हमले करता है, तो तेहरान एक नई आक्रामक रणनीति अपनाएगा, जिसका अर्थ है कि सैन्य अभियान केवल जवाबी हमलों तक सीमित नहीं रहेंगे। रॉयटर्स के अनुसार दो वरिष्ठ ईरानी सुरक्षा अधिकारियों ने बताया कि नए अमेरिकी-इजराइल हमलों की स्थिति में तेहरान ने खाड़ी क्षेत्र में पानी के नीचे मौजूद संचार केबलों को निशाना बनाने की योजना भी तैयार की है। इससे पहले सुरक्षा प्रमुख मोहसिन रजाई ने भी चेतावनी दी थी कि युद्ध दोबारा शुरू होने पर क्षेत्र के केबल, डेटा सेंटर और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) सुविधाएं हमलों की चपेट में आ सकती हैं।

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