नई दिल्ली —
एक नई जांच में यह खुलासा हुआ है कि इजरायली बलों द्वारा फिलिस्तीनी बंदियों पर अमेरिकी कंपनी एक्सॉन (Axon) द्वारा निर्मित इलेक्ट्रोशॉक हथियारों का इस्तेमाल किया जा रहा है। इस खुलासे के बाद मानवाधिकार संगठनों और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गंभीर चिंता जताई गई है।
कैदियों के साथ कथित तौर पर हो रहे दुर्व्यवहार और प्रताड़ना के मामलों सामने आने के बाद एमनेस्टी इंटरनेशनल ने इलेक्ट्रिक शॉक उपकरणों के निर्यात पर तत्काल प्रतिबंध लगाने की मांग की है। हालांकि, इजरायल डिफेंस फोर्सेस के प्रवक्ता ने इस मामले पर बयान जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि बंदियों के साथ किसी भी तरह का दुर्व्यवहार पूरी तरह प्रतिबंधित है।
इस बीच, वेस्ट बैंक के बेथलेहम के पास एक अन्य घटना में इजरायली सैन्य बलों ने लगभग 80 अमेरिकी, इजरायली और ब्रिटिश स्वयंसेवकों को हिरासत में ले लिया है। ये सभी स्वयंसेवक फिलिस्तीनी किसानों की जैतून की कटाई में मदद करने पहुंचे थे। हिरासत में लिए गए लोगों में न्यूयॉर्क के डेमोक्रेटिक कांग्रेस के नामित ब्रैड लैंडर, कई रब्बी और इजरायल के पूर्व उप अटॉर्नी जनरल भी शामिल हैं।
अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम के एक अन्य घटनाक्रम में, यमन के हूती विद्रोहियों के लगातार हमलों के मद्देनजर अमेरिकी विदेश विभाग ने सऊदी अरब से अपने कुछ राजनयिकों और सरकारी कर्मचारियों के परिवारों को तुरंत देश छोड़ने का आदेश दिया है। क्षेत्र में बढ़ते सुरक्षा तनाव के बीच यह बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया गया है।

